कर्म के सिद्धांत पर आपने कई बातें पढ़ी और सुनी होंगी लेकिन जगह-जगह पर कुछ ज्ञान की क़िड़यॉं छूटी हुई हैं। इस कारण अब तक यह विषय गूढ़ बना हुआ है। आप भी इन कड़ियों जरूर जानना चाहते होंगे। तो आइए इस गूढ़ विषय को, इस पुस्तक की एक सरल कहानी द्वारा समझें।
"कर्मजीवन, सरश्री और आप' यह कहानी है एक शिष्य की जो अपने गुरु से "कर्म' इस गूढ़ विषय पर मार्गदर्शन प्राप्त करना चाहता है। गुरु उसे कैसे मार्गदर्शन देते हैं और उसकी कहानी अमर कैसे बनती है! पढ़ें इस पुस्तक में। यह पुस्तक "समझ' प्राप्ति की ओर उठाया गया शक्तिशाली कर्म है।
इस पुस्तक की कहानी द्वारा आप इन गहन प्रश्न के उत्तर प्राप्त करेंगे ः
* कर्म की परिभाषा क्या है?
* कर्म का सिद्धांत कैसे काम करता है?
* क्या केवल क्रिया ही कर्म है?
* अच्छे कर्म करनेवाला दुःखी और बुरे कर्म करनेवाला सुखी क्यों होता है? इत्यादि।